एक समय की बात है एक किसान अपने घर के द्वार पर
खड़ा था, तभी एक फकीर वह आता है और कुछ खाने के लिए मांगता है। किसान ने कहा- मेरे
पास तुम्हें देने के लिए कुछ नहीं है। फकीर ने फिर पानी मांगा तो किसान क्रोध
में डांटते हुये उसे भगा देता है। फकीर वहाँ से चुप-चाप चला जाता है।
मार्ग में फकीर बोला क्या आपने मुझे पहचाना? किसान बोला नहीं। मै वही फकीर हूँ जो आपके घर में भोजन मांगने आया था
और आपने बहुत बुरा भला कहा था। किसान ऐसा सुनकर बहुत लज्जित हुआ उसे अपनी गलती का
आभास हो गया। किसान अपने कृत्य के लिए फकीर से क्षमा मांगता
है।

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